डार्क वेब – ये है इंटरनेट की काली दुनिया, यहां होते है सारे गलत काम

Dark Web – This is the dark world of the internet, all the wrong things happen here. The world of the Internet is much bigger than we think. Generally, whatever we see on the Internet is only a small part of the Internet world. There are many such secrets hidden in this big world, about which most people do not even know. Dark web is that part of the internet where both legal and illegal activities are carried out.

इंटरनेट की दुनिया हमारी सोच से कहीं ज्यादा बड़ी है। आमतौर पर हम इंटरनेट पर जितना कुछ देखते हैं, वह सब इंटरनेट की दुनिया का एक छोटा-सा हिस्सा भर है। इस बड़ी-सी दुनिया में कई ऐसे राज छुपे हुए हैं, जिसके बारे में  ज्यादातर लोगों को मालूम  भी नहीं है। डार्क वेब (Dark Web) इंटरनेट का वो हिस्सा है जहां वैध और अवैध दोनों तरीके के कामों को अंजाम दिया जाता है।

WWW is definitely written in the URL of any website, which means World Wide Web. A network of information spread across the world, which can be used by every person who has an Internet connection. This web of Internet is of three types. These three have different rules and regulations. One of these three is Dark Web. Today we will learn about this ‘black and dark trap’.

किसी भी वेबसाइट के URL  में पहले WWW जरूर लिखा रहता है, जिसका मतलब होता है वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web). दुनियाभर में फैला ऐसा सूचनाओं का एक जाल, जिसे हर वह इंसान इस्तेमाल कर सकता है, जिसके पास इंटरनेट कनेक्शन है. इंटरनेट का यह जाल (Web) तीन तरह का होता है. इन तीनों के अलग-अलग नियम व कायदे हैं. इन्हीं तीनों में से एक है डार्क वेब (Dark Web). आज हम इसी ‘काले और अंधेरे जाल’के बारे में जानेगें .

The Internet is used in three ways. There is open web, deep web and the third is dark web. The dark web is being used on a large scale for illegal activities.

इंटरनेट तीन प्रकार  से इस्तेमाल किया जाता है.  ओपन वेब, डीप वेब और तीसरा डार्क वेब है. डार्क वेब को बड़े स्तर पर गैर-कानूनी कार्यों के लिए यूज किया जा रहा है

Before understanding the dark web, one should know about these two.

डार्क वेब को समझने से पहले इन दोनों के बारे में जान लेना चाहिए

Open Web

Open Web is an Internet or Web that everyone can use. You, I or any ordinary person can use it. Anyone can view and read the content used through Google Chrome or Firefox or Microsoft Edge browser or other apps. It is called open web.

ओपन वेब ऐसा इंटरनेट अथवा वेब है, जिसे हर कोई इस्तेमाल कर सकता है. आप, मैं या कोई भी साधारण इंसान इसे यूज कर सकता है. गूगल क्रोम या फायरफॉक्स या माइक्रोसॉफ्ट एज़ ब्राउज़र या दूसरी ऐप्स के जरिए इस्तेमाल होने वाला कंटेंट कोई भी देख-पढ़ सकता है. इसे ओपन वेब कहा जाता है.

Deep Web

Deep web is a step ahead of open web. The open web is available to everyone, but the deep web can be used only by those who have permission to use it. For example, only employees have the permission to see and read the files of a shopping mall or an office. Not every internet user can access it. This is the fundamental difference between open and deep web.

डीप वेब, ओपन वेब से एक कदम आगे होता है. ओपन वेब सबके लिए उपलब्ध होता है, मगर डीप वेब को वही लोग इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनके पास उसे इस्तेमाल करने की परमिशन होती है. उदाहरण के लिए किसी शॉपिंग मॉल या किसी ऑफिस की फाइलों को देख-पढ़ पाने की परमिशन केवल कर्मचारियों के पास होती है. हर इंटरनेट यूजर इसे एक्सेस नहीं कर सकता . ओपन और डीप वेब में मूलभूत तौर पर यही अंतर है

Dark web

Dark web is that part of the internet where both legal and illegal activities are carried out.96 percent of the internet comes under deep web and dark web. We use only 4% of Internet content, which is called the surface web. A password is required to access the content on the deep web, which includes e-mail, net banking, etc. Tor Browser is used to open the dark web. Banned things like drugs, weapons, passwords, child porn are available on the dark web.

डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है जहां कानूनी और गैरकानूनी दोनों गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है। इंटरनेट का 96 फीसद हिस्सा डीप वेब और डार्क वेब के अंदर आता है। हम इंटरनेट कंटेंट्स   का  केवल 4% हिस्से का इस्तेमाल करते है, जिसे सरफेस वेब कहा जाता है। डीप वेब पर मौजूद कंटेंट को एक्सेस करने के लिए पासवर्ड की जरूरत होती है,जैसे की  ई-मेल, नेट बैंकिंग, आते हैं। डार्क वेब को खोलने के लिए टॉर ब्राउजर (Tor Browser) का इस्तेमाल किया जाता है। डार्क वेब पर ड्रग्स, हथियार, पासवर्ड, चाईल्ड पॉर्न जैसी बैन चीजें मिलती हैं।

When people go online they use a computer or mobile or tab. In this way, each of their devices has an IP (Internet Protocol) address. IP address is the unique identification of any device. Any information is sent to the right place through a network with an IP address. When, what any person did on the Internet, what he saw, everything can be detected from the IP address.

जब लोग ऑनलाइन होते हैं तो वे किसी कंप्यूटर या मोबाइल या टैब का इस्तेमाल करते हैं. इस तरह उन के हर डिवाइस का एक आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) एड्रेस होता है. आईपी एड्रेस किसी भी डिवाइस का यूनीक पहचान होता है. एक आईपी एड्रेस वाले नेटवर्क के जरिए किसी भी जानकारी को बताये गए सही जगह भेजा जाता   है. किसी भी व्यक्ति ने इंटरनेट पर कब, क्या किया, क्या  देखा, सबकुछ आईपी एड्रेस से पता लगाया जा सकता है.

The system of the dark web is quite complex. In this, the IP address of any user remains completely anonymous. Meaning, if someone sent you a message using the dark web, it is very difficult to find out who sent that message, from which device, and from where.

डार्क वेब का सिस्टम काफी जटिल होता है. इसमें किसी भी यूजर का  आईपी एड्रेस पूरी तरह पहचान रहित  रहता है. मतलब यदि किसी ने डार्क वेब का इस्तेमाल करके आपको कोई संदेश भेजा, तो यह पता लगाना बहुत मुश्किल है कि वह संदेश किसने, किस डिवाइस से, और कहां से भेजा.

कैसे काम करता है डार्क वेब

Dark Web works on onion routing technology. It protects users from tracking and surveillance and routes and re-routes users to hundreds of locations to maintain their privacy. In simple words, the dark web connects and disconnects from a large number of IP addresses, making it impossible to track.

A special type of software is used to access the dark web. This type of software is called Tor. The full form of TOR is The Onion Router. According to the website of England’s organization Education from the National Crime Agency (CEOP), about 25 lakh people use Tor every day. However, Tor itself is not the dark web. Tor is actually a tool or browser through which the open or dark web can be browsed.

User information on the dark web is encrypted, which is impossible to decode. Virtual currencies like Bitcoin are used to transact deals on the dark web. This happens so that the transaction cannot be traced.

 

डार्क वेब ओनियन राउटिंग टेक्नोलॉजी पर काम करता है। ये यूजर्स को ट्रैकिंग और सर्विलांस से बचाता है और उनकी गोपनीयता बरकरार रखने के लिए सैकड़ों जगह रूट और री-रूट करता है। आसान शब्दों में कहा जाए तो डार्क वेब ढेर सारी आईपी एड्रेस से कनेक्ट और डिस्कनेक्ट होता है, जिससे इसको ट्रैक कर पाना असंभव हो जाता है।

डार्क वेब को एक्सेस करने के लिए एक खास तरह का  सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल होता है. इस तरह के सॉफ्टवेयर्स को टोर (TOR) कहा जाता है. TOR की फुल फॉर्म है द अनियन राउटर (The Onion Router). इंग्लैंड की संस्था एजुकेशन फ्रॉम द नेशनल क्राइम एजेंसी (CEOP) की वेबसाइट के मुताबिक, लगभग 25 लाख लोग हर रोज टोर का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि टोर अपने आप में डार्क वेब नहीं है. टोर दरअसल एक टूल अथवा ब्राउज़र है, जिसके जरिए ओपन या डार्क वेब को ब्राउज़ किया जा सकता है.

डार्क वेब पर  यूजर की इन्फॉर्मेशन इंक्रिप्टेड होती है, जिसे डिकोड करना नाममुकिन है। डार्क वेब पर डील करने के लिए वर्चुअल करेंसी जैसे बिटकॉइन का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा इसलिए होता है, ताकि ट्रांजैक्शन को ट्रेस न किया जा सके।

डार्क वेब पर होते हैं स्कैम

The dark web is notorious for wrongdoings. People are using the dark web to carry out illegal activities. Some people are even selling drugs and weapons online. Some websites on TOR even sell stolen credit card data. Illegal pornography, human trafficking, and hiring people to attack someone also happen on the dark web.

डार्क वेब गलत कार्यों के लिए बदनाम  है.  डार्क वेब को  यूज करने वाले लोग गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं. कुछ लोग तो ऑनलाइन ड्रग्स और हथियारों तक की बिक्री कर रहे हैं. TOR पर कुछ वेबसाइट्स क्रेडिट कार्ड का चोरी किया गया डेटा तक बेचती हैं. अवैध पोर्नोग्राफी (Illegal Pornography), मानव तस्करी (Human Trafficking), और किसी पर हमला कराने के लिए लोगों को हायर करना जैसे काम भी डार्क वेब पर होते हैं.

भूलकर भी मत सोचना यूज करने के बारे में

f you think that you should try and do it then it can be very harmful for you. Many hackers also live on the dark web. If you go to use the dark web, your entire data can be stolen. All information including your bank account can be stolen.

यदि आपको लगता है कि ट्राय किया जाए और करने में क्या जाता है तो यह आपके लिए बहुत अधिक नुकसानदायी हो सकता है. बहुत से हैकर भी डार्क वेब पर रहते हैं. यदि आप डार्क वेब यूज करने जाएं और आपका पूरा डेटा चोरी हो सकता है. आपके बैंक अकाउंट से लेकर तमाम जानकारियां चुराई जा सकती हैं.

 

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